बहुत सुंदर अभिव्यक्ति।
वर्तमान में परिस्थितियों की उथल पुथल में सबसे अधिक प्रभावित होता है हमारा मन।
क्या ठीक और क्या गलत, कितना ठीक कितना गलत, इसी उधेड़बुन में मन विचलित होता रहता है हमारा मन और बोझ पड़ता है मस्तिष्क पर।
ऐसे में ये कविता एक समाधान के रूप में आई है।
धन्यवाद।
Khup khup dhanyawad saheb😊😊
Thank u rani😍😍
खूप खूप धन्यवाद काकू🙏
खूप खूप धन्यवाद काकू🙏
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति।
वर्तमान में परिस्थितियों की उथल पुथल में सबसे अधिक प्रभावित होता है हमारा मन।
क्या ठीक और क्या गलत, कितना ठीक कितना गलत, इसी उधेड़बुन में मन विचलित होता रहता है हमारा मन और बोझ पड़ता है मस्तिष्क पर।
ऐसे में ये कविता एक समाधान के रूप में आई है।
धन्यवाद।
Very Beautifully written Vahini.
Bahot hi sundar